राजमहल मामले में कोर्ट ने दिए सील खोलने के निर्देश

rajmahal hotal jaipur karni sena cm rajeजेडीए को निर्माण एक माह में रीस्टोर करवाकर कब्जा देना होगा
जयपुर। राजमहल पैलेस मामले में जेडीए की कार्रवाई को एडीजे ने गलत ठहरा दिया। अदालत ने कहा कि जेडीए ने अदालत की डिक्री की गलत विवेचना की है। ऐसे में जेडीए एक माह में तोड़े गए स्ट्रक्चर को वापस बनाकर दे और इसी के साथ लगाए गए ताले को खोला जाए। जेडीए ने अदालत के पूर्व में दिए गए आदेश की पालना नहीं की है। ऐसे में जेडीए को सील तत्काल खोलने के साथ ही तोड़े गए निर्माण को एक माह में रीस्टोर करवाकर कब्जा देना होगा।
अदालत में सुनवाई के दौरान जेडीए ने पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखा, लेकिन तथ्य के  अभाव में सभी तर्कों को ठुकरा दिया गया। जेडीए ने अदालत में कहा था कि जमीन को पहले ही अवाप्त किया जा चुका था। इसका हक जेडीए के पास है, ऐसे में कार्रवाई गलत नहीं है। वहीं पूर्व राजपरिवार ने डिक्री का हवाला देते हुए कहा था कि यह कभी अवाप्त नहीं हुई है और इस संबंध में पहले ही अदालत अपना फैसला सुना चुकी है।
नहीं चले जेडीए के तर्क
जेडीए ने अदालत में कहा था कि जमीन को पहले ही आवप्त किया जा चुका था। इसका हक जेडीए के पास है, ऐसे में कार्रवाई गलत नहीं है। वहीं पूर्व राजपरिवार ने डिक्री का हवाला देते हुए कहा था कि यह कभी अवाप्त नहीं हुई है और इस संबंध में पहले ही अदालत अपना फैसला सुना चुकी है।
rajasthan highcourt
जज चले गए थे अवकाश पर 
बीते बुधवार को दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी कर ली थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर अदालत ने अपना फैसला गुरुवार तक सुरक्षित रख लिया था। एडीजे कोर्ट को गुरुवार को राजमहल मामले में अपना फैसला सुनाना था, लेकिन जज अचानक से अवकाश पर चले गए और निर्णय सोमवार तक टाल दिया। सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवकाश के कारण एडीजे कोर्ट में अवकाश था। ऐसे में अदालत ने आज आदेश जारी किए।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


Connect with Facebook

*


Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.