शिक्षा विभाग में होगी 89 हजार पदों पर भर्ती—देवनानी

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जयपुर। ​शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि प्रदेश मे अकेले शिक्षा विभाग में 89 हजार पदों पर भर्ती की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि 30 हजार पदों को भरने के लिए हम रीट की परीक्षा करने जा रहे हैं। इसके अलावा 13 हजार व्याख्याताओं के रिक्त पद भरने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। यह कार्यवाही पूर्ण होने तक विद्यालयों में व्याख्याताओं के रिक्त पद भरने के लिए संविदा पर सेवानिवृत षिक्षकों को लगाया जाएगा। इससे बहुत से स्तरों पर विद्यालयों में रिक्त पडे पदों को भरने के साथ ही शैक्षणिक व्यवस्था को दुरस्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से 9 हजार पदों पर तथा 4010 पदों पर व्याख्याताओं की भर्ती की गई थी। विद्यालय सहायक के 34 हजार के करीब पद भी भर्ती के लिए प्रक्रियाधीन है।
विद्यालय समय अब 6 घंटे 10 मिनट
शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राज्य के विद्यालयों का समय केन्द्रीय विद्यालयों के बराबर 6 घंटे 10 मिनट रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सबंध में इसी सप्ताह में आदेश जारी कर दिए जाएंगे।प्रो. देवनानी ने कहा कि देश के सभी प्रांतोें में गर्मी-सर्दी के दौरान विद्यालयों का समय एक समान ही होता है। राजस्थान में भी इसी प्रकार से सर्दी और गर्मी में विद्यालय समय एक समान रहेगा।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि ​शिक्षा में गुणवत्ता बढे़। विद्यालय समय परिवर्तन के संबंध में विभिन्न स्तरों पर सुझाव आए थे। नया जो समय राज्य सरकार ने विद्यालय समय का निर्धारित किया है, उसके लिए सभी शिक्षक संगठनों ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि ​शिक्षा में संवाद जरूरी है। संवाद निरंतर बना रहे। इसी से आपसी समझ बढ़ती है। उन्होंने शिक्षकों,शिक्षक संगठनों का आह्वान किया है कि वे विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे आंदोलनों को समाप्त कर बच्चों की पढ़ाई में जुट जाएं। ​शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि ​शिक्षा में ट्रेड यूनियनवाद न आए। शैक्षिक परिवारवाद के भाव से हम सभी काम करें। इस सोच से ही राजस्थान को ​शिक्षा क्षेत्र मे अग्रणी राज्य बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालयो में अच्छे से पढ़ाई हो, इसे सभी स्तरों पर सुनिष्चित किया जाएगा।
आगामी शिक्षा सत्र से नया पाठ्यक्रम
प्रदेश में आगामी ​शिक्षा सत्र से विद्यार्थियों को नवीन पाठ्यक्रम पढ़ने को मिलेगा। ​शिक्षा राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य के विद्यालयों में अगले वर्ष से कक्षा 1 से 12 वीं तक का नवीन पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नवीन पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति और संस्कारों के साथ ही महापुरूषों के जीवन से प्रेरणा और राष्ट्र पर गौरव की अनुभूति की भावना पैदा किए जाने को केन्द्र में रखा गया है। उन्होंने कहा कि नवीन पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि के साथ ही उनको वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से करने में मदद करने वाला होगा।
अगले शिक्षा सत्र से स्थानान्तरण नीति से
शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि शिक्षा विभाग में आगामी शिक्षा सत्र से स्थानान्तरण, स्थानान्तरण नीति से किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि आगामी शिक्षा सत्र से पहले-पहले राज्य में शिक्षक स्थानान्तरण नीति बना ली जाएगी। उसके बाद स्थानान्तरण नीति से ही होंगे। उन्होंने बताया कि स्थानान्तरण नीति बनाने से पहले उसे वेबसाईट पर सार्वजनिक किया जाएगा। विभिन्न स्तरों परन सुझाव आमंत्रित कर प्रदेश की शिक्षक स्थानान्तरण नीति बनाई जाएगी।प्रो. देवनानी ने कहा कि स्टाफिंग पैटर्न लागू कर प्रदेश में​ शिक्षण व्यवस्था को दुरस्त करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि स्टाफिंग पैटर्न में रही विसंगतियों को दूर किया जाएगा। इस संबंध में प्रति वर्ष इस व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि विद्यार्थी-षिक्षक अनुपात में विद्यालयो में पदस्थापन हो।
हर चौथे शिक्षक को मिला पदोन्नति का लाभ
शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राज्य में पदस्थापित हर चौथे शिक्षक को पदोन्नति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेष में पहली बार कृषि, वाणिज्य, चित्रकला और संगीत विषयों के अध्यापकों को भी पदोन्नति का लाभ दिया गया है। शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि पहली बार डीईओ के 142 पद पदोन्नति कर भरे गए हैं। विद्यालयो में नवीन पदों का सृजन करने के साथ ही वहां पर 5 हजार प्राचार्य पदों का पदस्थापन भी हमने किया है। उन्होंने शिक्षक संगठनों, षिक्षकों से अपील की है कि वे राजस्थान को देश के अग्रणी 10 राज्यों में सम्मिलित कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करे।

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