पूर्व सीएमएचओ एपीओ,विधायक प्रहलाद गुंजल मामले में आए थे चर्चा में

kotaकोटा। कोटा सीएमएचओ के पद को लेकर दो दिन से चल रही असमंजस की स्थिति खत्म हो गई। निदेशालय से आदेश आने के बाद सोमवार दोपहर बाद मामले का पटाक्षेप हुआ। इसमें स्टे लेकर आए डॉ. आरएन यादव को पदस्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया है। अब डॉ. नरेंद्र नागर ही कोटा सीएमएचओ बने रहेंगे।
आदेश मिलने से पहले दोपहर तक डॉ. यादव तथा डॉ. नागर दोनों ऑफिस में डटे रहे। सुबह कार्यालय खुलने के साथ ही डॉ. नागर ऑफिस पहुंच गए, इसके बाद डॉ. यादव पहुंचे। दोनों सीएमएचओ चैंबर में बैठे रहे। यादव आए तो डॉ. नागर ने वरिष्ठता के नाते उन्हें सीएमएचओ की सीट ऑफर की, खुद वहीं दूसरी कुर्सी पर बैठ गए। इसके बाद गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के तहत जेकेलोन अस्पताल में हुए कार्यक्रम में भी दोनों साथ गए। एक अन्य कार्यक्रम में तो अकेले यादव ही गए। दोपहर को फिर से दोनों ऑफिस आकर बैठ गए। करीब 2 बजे निदेशालय से निदेशक (जन स्वास्थ्य), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं से एपीओ का फैक्स आया। इसके बाद डॉ. यादव ने रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज की और रिलीव संबंधी कागजातों पर दस्तखत किए। फिर वे चैंबर से उठकर अपने निजी वाहन से घर के लिए चले गए। गौरतलब है कि 31 जून को जारी तबादला आदेश पर डॉ. यादव स्टे ले आए थे। इस आदेश में उन्हें बारां जिला अस्पताल में लगाया गया था, जबकि उनकी जगह डॉ. नरेंद्र नागर को कोटा सीएमएचओ के पद पर लगाया गया था। उधर, इस पूरे घटनाक्रम पर डॉ. नागर का कहना था कि मुझे निदेशालय से जैसे आदेश मिलेंगे, वैसे काम करूंगा।
उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पूर्व सीएमएचओ डॉ. यादव को विधायक प्रहलाद गुंजल द्वारा मोबाइल पर धमकाने और गाली गलौच का मामला काफी सुर्खियों में रहा था और इस घटना के चलते विधायक गुंजल पार्टी से निलंबित भी चल रहे हैं।

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